वायरिंग में क्या-2 सामान लगता है?

घर की वायरिंग में क्या-2 सामान लगता है? और वह सामान किस-2 काम में आता है यह हमें पता नहीं होता और जब हमको वायरिंग करानी होती है। तो हम इलेक्ट्रीशियन को बुलाते है और वह हमसे काफी ज्यादा पैसे चार्ज करता है।
अब आपके मन में यही प्रश्न आ रहा होगा की यदि आपको इस वायरिंग की जानकारी होती और वायरिंग में क्या-2 सामान लगता है? की जानकारी होती तो कोई आपको बेवकूफ नहीं बना पता आप इस पूरे पोस्ट को पढ़ते है तो इन सभी प्रश्नों का उत्तर आप को मिल जायेगा।

वायरिंग में क्या-2 सामान लगता है?

वायरिंग में बहुत से इलेक्ट्रिकल के सामान का उपयोग होता है जिसमे से कुछ महत्वपूर्ण  बोर्ड शीट, इलेक्ट्रिक तार, फेज वायर, न्यूट्रल वायर, अर्थ वायर, स्विच 6 एम्पीयर, स्विच 15 एम्पीयर, दो तरफा स्विच, 2 पिन साकेट, 5 पिन साकेट, 5 पिन साकेट 15 एम्पीयर, इंडिकेटर, बल्ब होल्डर, पंखा रेगुलेटर, Mcb 1 पोल, Mcb 2 पोल, Rccb, एसी बाक्स, ट्यूबलाइट, सीलिंग रोज आदि।

बोर्ड शीट

इलेक्ट्रिकल वायरिंग में स्विच बोर्ड में सभी उपकरण को जिस शीट पर फिट किया जाता है उसे बोर्ड शीट कहते हैं। बोर्ड शीट माइका का चिकना, चौकोर और मजबूत होता है। माइका की शीट देखने में काफी सुन्दर होती है।

इसी पर स्विच, सॉकेट, इंडिकेटर, फैन रेगुलेटर, सभी इक्विपमेंट फिट किये जाते है बोर्ड शीट की कटाई आप खुद भी कर सकते है या आप बाजार से अपने जरूरत के अनुसार कटिंग की हुई शीट बोर्ड भी खरीद सकते हैं।

इस बोर्ड शीट को जिस बॉक्स पर फिट किया जाता है वह मेटल का या लकड़ी का होता है यह भी बाजार में आसानी से मिल जाते है।

इलेक्ट्रिक तार

घर की इलेक्ट्रिकल वायरिंग में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका इलेक्ट्रिक तार निभाता है इसी की मदद से सप्लाई को पूरे घर में पहुंचाया जाता है घर में जो भी उपकरण लगे हुए हैं।

चाहे वह कम वाट का हो या ज्यादा वाट का उसमें प्रवाहित होने वाली करंट इसी इलेक्ट्रिक तार के माध्यम से प्रवाहित होती है।

यदि तार हम कम sq mm का लगाते हैं तो जो वायरिंग आप करवा रहे हैं वायर पतला होने के कारण उसमें ज्यादा करेंट का बहाव होगा जो इलेक्ट्रिक तार की क्षमता से अधिक होगा।

तो इससे वायर गर्म होगा और आपकी पूरी वायरिंग खराब हो जाएगी पूरे वायर जल जाएंगे, इसलिए वायरिंग में सही तार का चुनाव करना चाहिए।

इसमें यह भी ध्यान देना चाहिए की वायरिंग में जो वायर लगाएं वह फ्लेक्सिबल होना चाहिए जिससे वायर में करेंट फ्लो करने की क्षमता बढ़ जाती है।

फेज वायर

यह फेज वायर किसी न किसी कलर में होता है जैसे लाल, पीला, नीला, इन रंगो में फेज वायर होता है इसमें फेज की सप्लाई दी जाती है।

न्यूट्रल वायर

यह न्यूट्रल वायर केवल काले रंग का ही होता है इस वायर में न्यूट्रल की ही सप्लाई दी जाती है

वायरिंग में क्या-2 सामान लगता है?

अर्थ वायर

इस अर्थ वायर को अर्थिंग से जोड़ दिया जाता है इस वायर का रंग हरा होता है (चूंकि प्रथ्वी पर हरियाली होती है) इसीलिए इस वायर को प्रत्येक 5 पिन सॉकेट के अर्थ टर्मिनल से जोड़ दिया जाता है।

जिससे कोई इलेक्ट्रिकल लीकेज का खतरा नहीं होता।

नोट- ध्यान रहे अर्थिंग वायर 2.5 sqmm से कम नहीं होना चाहिए क्योंकि मोटे वायर का प्रतिरोध कम होता है।

स्विच 6 एम्पीयर

इलेक्ट्रिकल वायरिंग में जो 1 वे स्विच होता है उसका काम सिर्फ इतना होता है की उपकरण को सप्लाई देना और उसकी सप्लाई को बंद कर देना यही स्विच बोर्ड में सबसे ज्यादा उपयोग होता है।

क्योंकि इस स्विच की मदद से हम घर के अधिकतम उपकरण को सप्लाई देते हैं जैसे पंखा एलईडी बल्ब ट्यूबलाइट स्विच इस स्विच की करंट क्षमता 6 एंपियर की होती है तो जो उपकरण 6 एंपियर से कम करंट लेते हैं।

उन उपकरणों को हम इसी स्विच से सप्लाई देते हैं इसकी कीमत कम होती है।

यह भी पढ़े:-

1- एमसीबी के 5 प्रकार बताइए

2- MCB और MCCB में क्या अंतर होता है

स्विच 15 एम्पीयर

इस स्विच की क्षमता 15 एंपियर करंट की होती है यह उपकरण को सप्लाई देता है और उसकी सप्लाई को बंद कर देता है इसका काम आपके घर के उन उपकरण को सप्लाई देना होता है जिनको 15 एंपियर करंट की जरुरत होती है।

जैसे हीटर, प्रेस, मिक्सी, फ्रिज, वाशिंग मशीन ये उपकरण 5 एंपियर के स्विच से नहीं चल पाएंगे यदि आप इन उपकरण को 5 एंपियर के स्विच से सप्लाई देते है तो ज्यादा करंट के कारण आपका स्विच जल जायेगा, यह स्विच बोर्ड में कम उपयोग होता है।

क्योंकि इस स्विच का उपयोग हम घर में लगे अधिक करंट लेने वाले उपकरण को सप्लाई देने में करते हैं  इसकी कीमत 5 एंपियर करंट वाले स्विच से ज्यादा होती ह

दो तरफा स्विच (2 way switch)

इस स्विच को दो तरफा स्विच भी कहते है इलेक्ट्रिकल वायरिंग में इस स्विच से 2 अलग-2 जगह पर सप्लाई दी जा सकती है।

इसीलिए  इस स्विच का उपयोग हम सिर्फ सीढ़ी की वायरिंग करने में करते है क्योंकि इसमें नीचे और ऊपर दोनों जगह से लाइट को कंट्रोल करना होता है

2 पिन साकेट

इस सॉकेट में 2 पिन होते हैं जिसमें फेज और न्यूट्रल की सप्लाई आती है इस सॉकेट की मदद से हम उपकरणों को सप्लाई देते हैं या तो उन उपकरणों को सप्लाई देने वाला प्लगटाप 2 पिन का होता है।

या फिर जिस उपकरण को सप्लाई दी जा रही है उस उपकरण की बॉडी प्लास्टिक की बनी होती है क्योंकि इस सॉकेट से यदि उपकरण को सप्लाई दी जाती है तो किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं होता है।

आजकल बोर्ड में इस प्रकार के सॉकेट का उपयोग कम ही किया जाता है क्योंकि इस सॉकेट में अर्थिंग का कोई पॉइंट नहीं होता है और इंडियन इलेक्ट्रिसिटी रूल्स के अनुसार सॉकेट में अर्थिंग का पॉइंट अनिवार्य रूप से होना चाहिए, इसकी कीमत कम होती है।

5 पिन साकेट

यह साकेट जैसा नाम से ही पता चल रहा है कि इसमें पांच पिन होते हैं सॉकेट की करंट क्षमता 5 एंपियर की होती है आजकल इसी सॉकेट का सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है।

क्योंकि इस सॉकेट से हम 2 पिन और 3 पिन दोनों सॉकेट का काम ले सकते है इस सॉकेट में फेज न्यूट्रल और अर्थ तीनो वायर कनेक्ट होते है जिस कारण से जिन उपकरणों की बॉडी मेटल की होती है।

उन उपकरणों को अर्थ से जोड़ने के लिए 3 पिन सॉकेट उपयोग में लिया जाता है जिससे वह उपकरण और मनुष्य दोनों सुरक्षित रहे।

5 पिन साकेट 15 एम्पीयर

इस सॉकेट में पांच पिन होते हैं सॉकेट की करेंट वहन करने की क्षमता 15 एंपियर की होती है इस सॉकेट का उपयोग घर के बड़े उपकरण जैसे फ्रिज, वाशिंग मशीन, प्रेस को पावर सप्लाई देने में किया जाता है।

क्योंकि इस सॉकेट से हम 2 पिन और 3 पिन दोनों सॉकेट का काम ले सकते है इस सॉकेट में फेज न्यूट्रल और अर्थ तीनो वायर कनेक्ट होते है।

जिस कारण से जिन उपकरणों की बॉडी मेटल की होती है उन उपकरणों को अर्थ से जोड़ने के लिए 3 पिन सॉकेट उपयोग में लिया जाता है जिससे वह उपकरण और मनुष्य दोनों सुरक्षित रहे।

इंडिकेटर

यह एक इंडिकेटर है जो इलेक्ट्रिक सप्लाई को बताता है की आपके बोर्ड में इलेक्ट्रिसिटी की सप्लाई आ रही है या नहीं इसकी जानकारी हमें इंडिकेटर से मिलती है। इसमें फेज और न्यूट्रल दोनों की सप्लाई दी जाती है।

बल्ब होल्डर

यह घर की दीवारों पर लगाया जाता है इसमें फेज और न्यूट्रल की सप्लाई दी जाती है जिसमें से जो फेज होता है वह स्विच के माध्यम से आता है और न्यूटन को डायरेक्ट दिया जाता है इसमें हम एलईडी बल्ब सीएफएल या 100 वाट का बल्ब लगाते हैं।

पंखा रेगुलेटर

इसके उपयोग से हम जो छत पर लगा हुआ सीलिंग फैन होता है उसकी स्पीड को कम और ज्यादा करते हैं इसके अंदर एक वैरिएबल प्रतिरोध लगा होता है।

जो रजिस्टेंस कम ज्यादा करके वोल्टेज को कम ज्यादा करता है जिससे पंखे की स्पीड कम और ज्यादा हो जाती है स्विच बोर्ड में इसको फिट किया जाता है स्विच से फेज इस फैन रेगुलेटर में आता है और फैन रेगुलेटर से फेज निकलकर पंखे को चला जाता है।

Mcb 1 पोल

यह एक सिंगल पोल की mcb होती है इलेक्ट्रिकल वायरिंग में घर का जो मेन डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड होता है।

उसी में इसको हर एक रूम में सेपरेट सप्लाई देने के लिए लगाया जाता है इसमें सिर्फ फेज की सप्लाई दी जाती है और यह उसी सप्लाई को चालू और बंद करता है धयान रहे की mcb की करंट रेटिंग उतनी ही होनी चाहिए जितना उस रूम में लगे उपकरणों का करंट हो।

ज्यादा करंट रेटिंग की mcb लगाने से घर की सेफ्टी कोम्प्रोमाईज़ होती है।

वायरिंग में क्या-2 सामान लगता है?

Mcb 2 पोल

यह 2 पोल की mcb होती है इसे मेन डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड में लगाया जाता है मीटर से जो सप्लाई निकलती है वह सीधे इसी mcb में आती है और फिर इसका आउटपुट बाकी बची 1 पोल की mcb में देते है।

चूँकि यह mcb पुरे घर की mane  mcb होती है इसलिए इसकी करंट रेटिंग पुरे घर की जितनी करंट हो उससे 10 से अधिकतम 20% जयादा हो जैसे 20 एम्पेयर यदि घर का कुल करंट है तो 25 एम्पेयर की mcb आपको main में लगनी चाहिए।

Rccb

इलेक्ट्रिकल वायरिंग में यह घर की सेफ्टी के लिए mane डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड में लगाया जाता है।

घर की सेफ्टी के लिए 2 पोल की mcb की जगह पर Rccb को लगाना चाहिए यह 30,100,150 मिली एम्पेयर लीकेज करंट में आती है यह लीकेज करंट को सेंस करता है और सर्किट को बंद कर देता है।

मान लीजिये आपके घर के बचे ने कही पर सप्लाई के वायर को छू लिया तो उसे करंट लगने से पहले ही Rccb लीकेज करंट को सेंस करके सप्लाई को बंद कर देगा और आपके बचे को शॉक नहीं लगेगा।

एसी बाक्स

यह 20 एम्पेयर, 25 एम्पेयर की करंट रेटिंग में आता है इससे घर के सभी हाई एम्पेयर के उपकरण जैसे Ac को सप्लाई देना चाहिए यह पूरा बॉक्स होता है जो दीवाल में फिट हो जाता है।

ट्यूबलाइट

इसे तो आप जानते ही होंगे की यह 40 वाट में पहले आता था अब यह led में 20 वाट में आता है जो रूम में रोशनी देता है।

सीलिंग रोज

यह गोल सा होता है जिसमे सबसे पहले फेज और न्यूट्रल की सप्लाई आती है फिर इसी से रूम के उपकरणों को सप्लाई देते है जैसे tube light, पंखा।

निष्कर्ष

दोस्तों आज की इस पोस्ट में हमने वायरिंग में क्या-2 सामान लगता है?, घर की वायरिंग हम कैसे करते है और वायरिंग में जो-2 सामान उपयोग किया जाता है वह कैसे उपयोग किया जाता है।

यह भी जाने।

1- Elcb और Rccb में क्या अंतर है?

2- इलेक्ट्रीशियन के टूल्स के नाम


अब भी कोई सवाल आप के मन में हो तो आप इस पोस्ट के नीचे कमेंट करके पूछ सकते है या फिर इंस्टाग्राम पर rudresh_srivastav” पर भी अपना सवाल पूछ सकते है।

अगर आपको इलेक्ट्रिकल की वीडियो देखना पसंद है तो आप हमारे चैनल target electrician  पर विजिट कर सकते है। धन्यवाद्

वायरिंग में क्या-2 सामान लगता है? से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर (Mcq)-

1- घर के लिए कौन सी वायरिंग सबसे अच्छी है?
घर के लिए सबसे अच्छी वायरिंग कंड्यूट पाइप वायरिंग होती है जो दीवाल के अंदर कंड्यूट पाइप को डालकर उसके अंदर वायरिंग की जाती है।

2- सबसे सस्ती वायरिंग कौन सी होती है?
क्लीट वायरिंग सबसे सस्ती वायरिंग होती है इसका उपयोग अस्थाई वायरिंग के रूप में किया जाता है।

3- मोटे तार और पतले तार में क्या अंतर है?
मोटे तार का क्रास सेक्शन एरिया ज्यादा होता है इसलिए उसमें अधिक करंट फ्लो कराने की कैपेसिटी होती है परन्तु पतले तार का क्रास सेक्शन एरिया कम होता है इसलिए उसमें से कम करंट फ्लो होता है।

4- कौन सा कलर अर्थ वायर?
अर्थिंग के लिए हरे रंग के तार का उपयोग किया जाता है इसका कारण यह है कि अर्थिंग पृथ्वी से बनती है और पृथ्वी का रंग हरा होता है।

5- 1mm केबल कितना करंट ले सकती है?
यदि 1 एमएम का तार एलमुनियम का है तो उसमें से अधिकतम 2.5 एंपियर का करंट फ्लो करा सकते हैं। परंतु यदि 1 एमएम का तार कॉपर का है तो वह 10-12 एंपियर तक का करंट फ्लो करा सकता हैं।

मेरा नाम आर के श्रीवास्तव है इस ब्लॉग में आपको इलेक्ट्रीशियन ट्रेड से संबंधित सभी प्रकार की रोचक जानकारी मिलेगी, जिससे आप रोज नई-नई जानकारी सीख पाएंगे। आपके मन में किसी भी प्रकार का कोई भी प्रश्न/कंफ्यूजन है तो उसे कमेंट सेक्शन में जाकर जरूर कमेंट करे मैं जल्द से जल्द उस प्रश्न/कंफ्यूजन का उत्तर दूंगा और आपकी कंफ्यूजन को दूर करने का पूरा प्रयास करूंगा। धन्यवाद्